📅 13 मार्च 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 पर बंद हुआ, जो 1.08% की गिरावट दर्शाता है, जबकि निफ्टी 228 अंक गिरकर 23,639 पर बंद हुआ।
- कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा और निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं।
- विदेशी निवेशकों ने मार्च में ₹39,116 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने ₹53,099 करोड़ की नेट खरीदारी की।
मुंबई: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज, 13 मार्च 2026 को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 829 अंक यानी 1.08% गिरकर 76,034 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 228 अंक यानी 0.95% की गिरावट आई और यह 23,639 पर बंद हुआ। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
आज के कारोबार में ऑटो, FMCG, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, ऊर्जा और धातु क्षेत्र के शेयरों में कुछ बढ़त देखी गई। बाजार में गिरावट के तीन मुख्य कारण हैं: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, एशियाई बाजारों में गिरावट और विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 9% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी तेल WTI भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर पर पहुंच गया था। अमेरिकी बाजार में भी 11 मार्च को गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों (FII) ने 11 मार्च को ₹4,672 करोड़ के शेयर बेचे। एक दिन पहले भी FII ने कैश सेगमेंट में ₹6,267 करोड़ के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने ₹4,965 करोड़ की नेट खरीदारी की थी। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने अब तक ₹39,116 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जबकि घरेलू निवेशकों ने इस दौरान ₹53,099 करोड़ की नेट खरीदारी की है।
इससे पहले, कल यानी 12 मार्च को भी शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1342 अंक (1.72%) की गिरावट के साथ 76,864 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी 395 अंक (1.63%) की गिरावट रही और यह 23,867 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार में लगातार गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और सोच-समझकर निवेश करें। बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की आवश्यकता है।
आगे की स्थिति कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं, तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
🔍 खबर का विश्लेषण
आज शेयर बाजार में आई गिरावट कई कारकों का परिणाम है, जिसमें भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली शामिल है। इस खबर का महत्व यह है कि यह निवेशकों को बाजार की अस्थिरता और अनिश्चितता के बारे में सचेत करती है, और उन्हें सावधानीपूर्वक निवेश करने की सलाह देती है। बाजार की मौजूदा स्थिति में लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की आवश्यकता है, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने चाहिए।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ आज शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या था?
आज शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारणों में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली शामिल हैं।
❓ सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों से गिरे?
सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 228 अंकों की गिरावट आई और यह 23,639 पर बंद हुआ।
❓ कच्चे तेल की कीमतों में कितनी वृद्धि हुई?
ब्रेंट क्रूड लगभग 9% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी तेल WTI भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
❓ विदेशी निवेशकों ने मार्च में कितने शेयर बेचे?
विदेशी निवेशकों ने मार्च महीने में अब तक ₹39,116 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जबकि घरेलू निवेशकों ने इस दौरान ₹53,099 करोड़ की नेट खरीदारी की है।
❓ शेयर बाजार में गिरावट को देखते हुए निवेशकों को क्या करना चाहिए?
शेयर बाजार में गिरावट को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए, सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की आवश्यकता है। बाजार की गतिविधियों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।
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Source: Agency Inputs
| Published: 13 मार्च 2026
