📅 09 मार्च 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण के कारण बांके बिहारी मंदिर के दर्शन समय में बदलाव किया गया है।
- मंदिर सुबह 06:15 बजे खुलेगा और सुबह 09:00 बजे आरती के बाद बंद हो जाएगा, शाम को 07:00 बजे से रात 10:00 बजे तक दर्शन होंगे।
- चंद्रग्रहण का सूतक काल दोपहर 03:20 मिनट से शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति 06:47 मिनट पर होगी।
वृंदावन: 3 मार्च 2026 को होने वाले चंद्रग्रहण के कारण बांके बिहारी मंदिर के दर्शन समय में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस संबंध में नई समय सारिणी जारी की है, जिसका सभी भक्तों को पालन करना होगा। चंद्रग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट बंद रहेंगे, इसलिए दर्शनार्थियों को दर्शन के लिए निर्धारित समय का ध्यान रखना होगा। यह बदलाव भक्तों की सुरक्षा और मंदिर की परंपराओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
मंदिर के नए शेड्यूल के अनुसार, 3 मार्च को सुबह 06:15 बजे ठाकुर जी के दर्शन होंगे। सुबह 09:00 बजे की आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। सेवायत 05:15 मिनट पर मंदिर में प्रवेश करेंगे। सुबह 06:25 मिनट पर बांके बिहारी की श्रृंगार आरती होगी, जिसके बाद 06:30 मिनट पर राजभोग सेवा शुरू होगी। राजभोग की आरती 08:30 बजे होगी और मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। सेवायत 09:00 बजे मंदिर से बाहर आ जाएंगे।
शाम को मंदिर 07:00 बजे खुलेगा और रात 10:00 बजे तक दर्शन होंगे। चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 को शाम को लगेगा, जिसका सूतक काल भारत भर में मान्य होगा। सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। 3 मार्च 2026 की दोपहर 03:20 मिनट से सूतक काल शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति 06:47 मिनट पर होगी। खग्रास की अवस्था की शुरूआत शाम 04:34 मिनट से होगी।
चंद्र ग्रहण की समाप्ति 07:00 बजे हो जाएगी, जिसके बाद मंदिरों में साफ-सफाई की जाएगी। ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद किए जाते हैं, इसलिए बांके बिहारी मंदिर में भी दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे नए समय सारिणी का पालन करें और दर्शन के लिए समय पर पहुंचें। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के ठाकुर जी के दर्शन कर सकें।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसका धार्मिक महत्व भी है। इस दौरान कई लोग पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करते हैं। बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के समय में बदलाव इसी धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मंदिर प्रशासन ने सभी भक्तों से सहयोग करने की अपील की है ताकि चंद्रग्रहण के दौरान मंदिर की व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।
भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे मंदिर में दर्शन के लिए आने से पहले मंदिर प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें। इससे उन्हें दर्शन के समय और अन्य नियमों की जानकारी मिल जाएगी। बांके बिहारी मंदिर वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रशासन हमेशा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहता है।
आने वाले समय में मंदिर प्रशासन भक्तों के लिए और भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। ताकि सभी श्रद्धालु शांति और भक्ति के साथ ठाकुर जी के दर्शन कर सकें। मंदिर, धर्म और पूजा भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं और बांके बिहारी मंदिर इस संस्कृति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन लाखों भक्तों को सूचित करती है जो बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने की योजना बना रहे हैं। चंद्रग्रहण के कारण दर्शन समय में बदलाव से भक्तों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह खबर मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाती है। यह धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर प्रबंधन की भूमिका को भी उजागर करता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ 3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण के दौरान बांके बिहारी मंदिर के दर्शन का समय क्या रहेगा?
चंद्रग्रहण के दिन, मंदिर सुबह 06:15 बजे खुलेगा और सुबह 09:00 बजे आरती के बाद बंद हो जाएगा। शाम को मंदिर 07:00 बजे खुलेगा और रात 10:00 बजे तक दर्शन होंगे।
❓ चंद्रग्रहण का सूतक काल कब से कब तक रहेगा?
चंद्रग्रहण का सूतक काल 3 मार्च 2026 को दोपहर 03:20 मिनट से शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति 06:47 मिनट पर होगी। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
❓ चंद्रग्रहण के बाद मंदिर कब खुलेगा?
चंद्रग्रहण की समाप्ति 07:00 बजे हो जाएगी, जिसके बाद मंदिरों में साफ-सफाई की जाएगी। शाम को 07:00 बजे मंदिर फिर से दर्शन के लिए खुल जाएगा।
❓ क्या चंद्रग्रहण के दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे?
हां, चंद्रग्रहण के दौरान कई मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे क्योंकि सूतक काल भारत भर में मान्य होगा। यह धार्मिक परंपराओं का हिस्सा है।
❓ बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को मंदिर प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए समय सारिणी का पालन करना चाहिए और सूतक काल के दौरान मंदिर में प्रवेश करने से बचना चाहिए।
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Source: Agency Inputs
| Published: 09 मार्च 2026
