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लोकसभा में राहुल गांधी के बयानों पर गरमाई सियासत, मोदी सरकार विशेषाधिकार हनन नोट… Rahul Gandhi Privilege Motion Lok Sabha

National story: India news: संसद में गरमागरम बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मोदी सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने की तैयारी कर ली है। यह कदम राहुल गांधी द्वारा सदन में दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताते हुए उठाया जा रहा है, जिन पर केंद्र सरकार ने गुमराह करने और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बात की पुष्टि की है कि वे राहुल गांधी के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रिजिजू ने बुधवार को राहुल गांधी के सदन में दिए गए भाषण के कुछ हिस्सों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उनका कहना है कि जब कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाता है, तो उसे पहले इसकी पूर्व सूचना देनी होती है और फिर उन आरोपों को प्रमाणित भी करना होता है।

मंत्री रिजिजू ने मांग की है कि राहुल गांधी को लोकसभा में बुलाया जाए ताकि वे अपने द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यों के साथ साबित कर सकें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राहुल गांधी ने सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री पर बेबुनियाद और भ्रामक आरोप लगाए हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।

दरअसल, लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने भारत की संप्रभुता के साथ समझौता किया है और “देश को बेच दिया” है। राहुल गांधी ने विशेष रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश के हितों के विपरीत है।

उनके अनुसार, इस समझौते से भारत की स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है, खासकर तेल खरीद और कृषि से जुड़े मामलों में। राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया था, ‘क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती?’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता भारतीय किसानों और उद्योगों के लिए हानिकारक साबित होगा।

अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पुरी जैसे नामों का जिक्र किया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब अनिल अंबानी का नाम इन फाइलों में है, तो उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? राहुल गांधी ने हरदीप सिंह पुरी से भी पूछा कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।

किरेन रिजिजू ने एएनआई से बातचीत में दोहराया कि राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दाखिल किया जाएगा क्योंकि उन्होंने सदन को गुमराह करने वाले और निराधार बयान दिए हैं। उन्होंने संसदीय कार्यवाही के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के नियम बहुत स्पष्ट हैं: किसी भी सदस्य को गंभीर आरोप लगाने से पहले उचित नोटिस देना और उन्हें साबित करना अनिवार्य है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने इन महत्वपूर्ण नियमों का पालन नहीं किया।

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  • मोदी सरकार लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने की तैयारी में है।
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
  • राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी पर भारत की संप्रभुता से समझौता करने और देश को “बेचने” का आरोप लगाया था।
  • विपक्षी नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देशहित के खिलाफ बताते हुए ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी जिक्र किया।
  • संसदीय नियमों के अनुसार, गंभीर आरोप लगाने वाले सदस्य को आरोपों को साबित करना अनिवार्य होता है।
  • किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने बयानों को साबित करने की मांग की है।

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स्रोत: Khabar Devbhoomi

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