India news: India news: देश की संसद में पीएम केयर्स फंड, पीएम राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से संबंधित सवालों पर कथित तौर पर प्रतिबंध लगाए जाने के दावे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा की गई ‘तानाशाही’ बताया है।
कांग्रेस ने सोमवार को एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अब सांसद इन महत्वपूर्ण निधियों से जुड़े प्रश्न लोकसभा में नहीं उठा पाएंगे। यह निर्देश सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से लोकसभा सचिवालय को दिए गए हैं। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि PMO ने लोकसभा सचिवालय को स्पष्ट रूप से कहा है कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि संसद के किसी भी सदस्य द्वारा इन निधियों पर कोई सवाल न पूछा जाए।
इस दावे के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे सीधे तौर पर ‘तानाशाही’ करार दिया, और कहा कि यह संसद की गरिमा का अपमान है, साथ ही सांसदों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला भी है। कांग्रेस ने ‘X’ पर इस संबंध में कई सवाल भी उठाए।
रिपोर्ट के अनुसार, 30 जनवरी को PMO ने लोकसभा सचिवालय को सूचित किया कि तीनों फंड से संबंधित प्रश्न और मामले लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य-संचालन के नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) के तहत स्वीकार्य नहीं हैं।
**Highlights:**
* कांग्रेस ने संसद में PM केयर्स फंड सहित तीन निधियों पर सवाल पूछने पर ‘रोक’ का दावा किया।
* यह निर्देश कथित तौर पर PMO द्वारा लोकसभा सचिवालय को जारी किए गए हैं।
* कांग्रेस ने इसे ‘तानाशाही’, संसद का अपमान और सांसदों के अधिकारों पर हमला बताया।
* PMO ने लोकसभा के नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) का हवाला देते हुए प्रश्नों को अस्वीकार्य बताया।
* PM केयर्स फंड को मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्थापित किया गया था।
* मार्च 2023 तक PM केयर्स फंड का कुल बैलेंस 6,283.7 करोड़ रुपये था।
**PM केयर्स फंड के बारे में:**
‘प्राइम मिनिस्टर्स सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन्स फंड’ (PM केयर्स फंड) का गठन 27 मार्च, 2020 को तब किया गया था जब देश कोविड-19 महामारी के गंभीर संकट से जूझ रहा था। इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य कोविड-19 जैसी किसी भी आपात स्थिति या मुश्किल हालात से निपटने और प्रभावित नागरिकों को राहत प्रदान करना है। इस फंड को एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया गया है, और इसकी ट्रस्ट डीड 27 मार्च, 2020 को नई दिल्ली में पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत दर्ज की गई थी। PM केयर्स फंड की 2022-23 की रसीदों और भुगतान खाते की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2023 के अंत में इस फंड का कुल शेष 6,283.7 करोड़ रुपये था।
30 जनवरी के PMO के कथित संचार में बताए गए अन्य दो फंड – पीएम राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (NDF) भी प्रधानमंत्री कार्यालय के नियंत्रण में आते हैं।
यह घटनाक्रम संसदीय लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व पर एक नई बहस छेड़ सकता है।
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- कांग्रेस ने संसद में PM केयर्स फंड सहित तीन निधियों पर सवाल पूछने पर ‘रोक’ का दावा किया।
- यह निर्देश कथित तौर पर PMO द्वारा लोकसभा सचिवालय को जारी किए गए हैं।
- कांग्रेस ने इसे ‘तानाशाही’, संसद का अपमान और सांसदों के अधिकारों पर हमला बताया।
- PMO ने लोकसभा के नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) का हवाला देते हुए प्रश्नों को अस्वीकार्य बताया।
- PM केयर्स फंड को मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्थापित किया गया था।
- मार्च 2023 तक PM केयर्स फंड का कुल बैलेंस 6,283.7 करोड़ रुपये था।
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स्रोत: Dainik Bhaskar
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