एपस्टीन फाइल्स: जेफरी एपस्टीन का ‘सुपर रेस’ बनाने का भयावह ‘बेबी रेंच’ प्लान Epstein Files Global Shockwave
International spotlight: Global spotlight: कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी नई और चौंकाने वाली जानकारियों ने दुनिया भर में सनसनी मचा दी है। जेल में उसकी मौत के कई साल बाद, सामने आए दस्तावेज़ और गवाहों के बयानों ने एक ऐसी अमानवीय और विकृत योजना का खुलासा किया है, जो कल्पना से परे है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन न्यू मेक्सिको स्थित अपने विशाल ज़ोरो रेंच (Zorro Ranch) को एक ऐसे गुप्त ठिकाने में बदलना चाहता था, जहाँ चुनी हुई महिलाओं को उसके खुद के वीर्य (स्पर्म) से गर्भवती कर एक ‘सुपर रेस’ यानी अति-मानव नस्ल तैयार की जा सके। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घिनौनी योजना को एपस्टीन के करीबी लोग निजी तौर पर ‘बेबी रेंच’ के नाम से जानते थे। हालाँकि इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है कि एपस्टीन की यह भयावह योजना कभी लागू की जा सकी थी, लेकिन वैज्ञानिकों, सलाहकारों और अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई फाइलों से एक ऐसे व्यक्ति की परेशान करने वाली तस्वीर सामने आती है जिसने अपनी शक्ति और कल्पना की सीमाओं को मिटा दिया था।
**’बेबी रेंच’ प्रोजेक्ट क्या था?**
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि जेफरी एपस्टीन ने अपने सहयोगी वैज्ञानिकों और खास दोस्तों के बीच इस योजना का ज़िक्र कई बार किया था। उसका मुख्य लक्ष्य सांता फ़े के पास स्थित अपने रेंच को एक ‘बेबी रेंच’ में बदलकर अपनी आनुवंशिक विरासत (DNA) को बड़े पैमाने पर फैलाना था। उसकी मंशा एक समय में कम से कम 20 महिलाओं को रेंच पर गर्भवती रखने की थी। एपस्टीन की यह सोच एक पुराने स्पर्म बैंक से प्रेरित थी, जिसका दावा था कि वह केवल नोबेल पुरस्कार विजेताओं के जीन से ही मानवता को ‘बेहतर’ बना सकता है। एपस्टीन की इन बातों में ट्रांसह्यूमनिज़्म के प्रति उसकी गहरी रुचि झलकती थी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से मानवीय क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित एक दर्शन है। हालांकि, आलोचकों ने हमेशा चेतावनी दी है कि इस तरह की सोच यूजेनिक्स (सुप्रजननिकी) जैसे बदनाम और खतरनाक विचारों को जन्म दे सकती है। एपस्टीन, जिसने 2019 में अपनी गिरफ्तारी से पहले अपने पुराने आपराधिक मामलों में हमेशा खुद को निर्दोष बताया था, अक्सर अपने इन विचित्र विचारों को बौद्धिक बहस के तौर पर पेश करता था। लेकिन बाद में उसकी बातचीत पर गौर करने वालों ने पाया कि वे बेहद परेशान करने वाले और अमानवीय थे।
* जेफरी एपस्टीन की मौत के बाद उसकी ‘सुपर रेस’ बनाने की भयावह योजना का खुलासा।
* न्यू मेक्सिको के ‘ज़ोरो रेंच’ को ‘बेबी रेंच’ में बदलने की थी साजिश।
* अपनी आनुवंशिक विरासत फैलाने के लिए 20 से अधिक महिलाओं को गर्भवती करने का लक्ष्य।
* नोबेल विजेताओं के स्पर्म बैंक और ट्रांसह्यूमनिज़्म से प्रेरित थी यह सोच।
* यह योजना यूजेनिक्स जैसे खतरनाक विचारों से जुड़ी हुई थी।
* हालांकि, इस योजना के लागू होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
ये नए खुलासे एपस्टीन के गहरे और भयावह मानसिक विकारों को दर्शाते हैं। ये बताते हैं कि कैसे उसने अपनी दौलत और पहुंच का इस्तेमाल अपनी सबसे क्रूर कल्पनाओं को हकीकत में बदलने की कोशिश की। ये फाइलें दुनिया को एक बार फिर याद दिलाती हैं कि सत्ता और कल्पना का मिश्रण किस हद तक खतरनाक हो सकता है। यह मामला दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी विकृत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नैतिक और मानवीय सीमाओं को तोड़ सकता है।
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- जेफरी एपस्टीन की मौत के बाद उसकी ‘सुपर रेस’ बनाने की भयावह योजना का खुलासा।
- न्यू मेक्सिको के ‘ज़ोरो रेंच’ को ‘बेबी रेंच’ में बदलने की थी साजिश।
- अपनी आनुवंशिक विरासत फैलाने के लिए 20 से अधिक महिलाओं को गर्भवती करने का लक्ष्य।
- नोबेल विजेताओं के स्पर्म बैंक और ट्रांसह्यूमनिज़्म से प्रेरित थी यह सोच।
- यह योजना यूजेनिक्स जैसे खतरनाक विचारों से जुड़ी हुई थी।
- हालांकि, इस योजना के लागू होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
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स्रोत: Prabhasakshi
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