सेवानिवृत्ति की खुशियाँ: क्या आप अपनी मेहनत की कमाई का आनंद लेना भूल रहे हैं? Retirement Money Enjoyment Policy
Government watch: Policy buzz: सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय प्रबंधन और जीवन का आनंद लेने की नीति पर अक्सर चर्चा होती है। लेकिन क्या हम व्यक्तिगत स्तर पर इस नीति का सही पालन कर रहे हैं? क्या हमारी जीवन भर की मेहनत सिर्फ बैंक खातों में जमा होने के लिए है, या उसका उद्देश्य हमें खुशियाँ देना भी है?
एक ऐसी ही कहानी है एक व्यक्ति की, जिन्होंने अपने कामकाजी जीवन में शाही ठाट-बाट का अनुभव किया। उन्होंने अपनी तीन बेटियों का विवाह भव्यता से किया और उन्हें सुख-शांति से बसाया। कुछ ही वर्षों में, उनकी बेटियाँ उनसे भी अधिक धनी हो गईं। लगभग 27 साल पहले अपनी नौकरी से अवकाश प्राप्त करने के बाद, उस व्यक्ति ने अचानक अपने खर्चों पर अत्यधिक लगाम कस ली। वे, जो हर साल कम से कम पाँच विदेशी यात्राओं पर जाते थे, सेवानिवृत्ति के बाद अपने ही देश में भी मुश्किल से ही घूमने निकले। उनके लिए बैंक और विभिन्न निवेशों में जमा धनराशि ही धनवान होने का असली एहसास कराती थी। उन्होंने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी का कभी खुलकर आनंद नहीं लिया। उनके लिए पैसा केवल भविष्य की सुरक्षा का प्रतीक था, न कि आराम या प्रदर्शन का माध्यम। उनका दृढ़ विश्वास था कि भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए बचत ही सबसे बड़ा सहारा है।
उनकी पत्नी के निधन के पश्चात, मैं उनके करीब आया और इस दौरान मैंने उनसे कई बातें सीखीं, खासकर यह कि कैसे बचत और निवेश को हर साल बढ़ाया जाए ताकि वे भविष्य की संभावित महंगाई का सामना कर सकें। उनके पास शेयरों, बॉन्डों, म्युचुअल फंडों, फिक्स्ड डिपॉजिट और नकदी के रूप में कई संपत्तियाँ थीं, फिर भी वे अपनी बुनियादी जरूरतों के अलावा किसी भी चीज़ पर खर्च करने से कतराते थे। हाल ही में उनका निधन हो गया, और उन्होंने अपने बच्चों के लिए एक बहुत बड़ा खजाना छोड़ा है। उनके बच्चों की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली थी: ‘जब उनके पास इतना पैसा था, तो वे इतने साधारण ढंग से क्यों रहे? हमें तो इसकी भनक भी नहीं थी।’ बच्चों के लिए कुछ छोड़ना निश्चित रूप से अच्छा है, लेकिन अपनी मृत्यु के बाद धन का एक बहुत बड़ा हिस्सा अनछुआ छोड़ देना एक बड़ी भूल हो सकती है। यह दिखाता है कि आपने अपनी मेहनत का असली फल कभी चखा ही नहीं।
यहां कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं जो सेवानिवृत्ति के बाद जीवन का आनंद लेने में मदद कर सकते हैं:
* **संतुलित खर्च अपनाएं:** सेवानिवृत्ति के बाद बचत और खर्च के बीच सही संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
* **जीवन का आनंद लें:** अपनी कड़ी मेहनत की कमाई का उपयोग अपने सपनों को पूरा करने और खुशियों पर खर्च करने के लिए करें।
* **वित्तीय योजना बनाएं:** भविष्य की ज़रूरतों और इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए एक ठोस वित्तीय योजना तैयार करें।
* **चिकित्सा बीमा महत्वपूर्ण:** अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त चिकित्सा बीमा अवश्य लें।
* **बच्चों के लिए सीमा तय करें:** बच्चों के लिए बहुत अधिक छोड़ना उनकी आत्मनिर्भरता को प्रभावित कर सकता है।
मान लीजिए आपका सेवानिवृत्ति कार्पस एक करोड़ रुपए है और इस पर औसतन 8% का वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो यह आपको हर साल आठ लाख रुपए की आय देगा। यदि आपके मासिक घरेलू खर्च एक लाख रुपए हैं, तो आपको लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का कार्पस रखने की आवश्यकता होगी ताकि आप बिना किसी तनाव के अपने खर्च चला सकें। यदि आपका कार्पस तीन करोड़ रुपए है, तो पति-पत्नी मिलकर साल में चौबीस लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी यह राशि कुछ यात्राओं और अचानक आने वाली चिकित्सा आवश्यकताओं के साथ एक अर्ध-विलासितापूर्ण जीवन शैली के लिए पर्याप्त है। यदि आप छोटे शहरों में रहते हैं, तो आपकी निकासी कम होगी, जिससे महंगाई का असर भी कम पड़ेगा और आपका कार्पस लंबे समय तक चलेगा। चिकित्सा बीमा लेना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसकी कमी से आपका संचित धन तेजी से समाप्त हो सकता है। यह आपको अनिश्चित चिकित्सा आपात स्थितियों से बचाता है।
**मैनेजमेंट टिप:** अपनी मेहनत से कमाए गए पैसे का एक बड़ा हिस्सा अपने जीवन के बाद के लिए न छोड़ें। अपनी कड़ी कमाई से जीवन का आनंद लेना भी एक प्रकार का निवेश है – यह आपकी खुशियों और अनुभवों में निवेश है। यदि आप ऐसा नहीं करते, तो यह दर्शाता है कि आपने अपनी सेवानिवृत्ति का जीवन ठीक से नहीं जिया। आपने रिटायरमेंट का आनंद लेने के लिए ही तो इतनी मेहनत की है, तो खुद को इस आनंद से वंचित क्यों रखें?
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- सेवानिवृत्ति के बाद बचत और खर्च के बीच सही संतुलन बनाना आवश्यक है।
- अपनी मेहनत की कमाई का उपयोग अपने सपनों को पूरा करने और खुशियों पर खर्च करने के लिए करें।
- भविष्य की ज़रूरतों और इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए एक ठोस वित्तीय योजना तैयार करें।
- अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों से सुरक्षा के लिए पर्याप्त चिकित्सा बीमा अवश्य लें।
- बच्चों के लिए बहुत अधिक छोड़ना उनकी आत्मनिर्भरता को प्रभावित कर सकता है।
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स्रोत: Dainik Bhaskar
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