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माघ मेले में धर्मिक विवाद: शंकराचार्य की पालकी रोकने पर हंगामा क्यों? Prayagraj Magh Mela Unpleasant Incident

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माघ मेले में धर्मिक विवाद: शंकराचार्य की पालकी रोकने पर हंगामा क्यों? Prayagraj Magh Mela Unpleasant Incident news image

माघ मेले में धर्मिक विवाद: शंकराचार्य की पालकी रोकने पर हंगामा क्यों? Prayagraj Magh Mela Unpleasant Incident

साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, माघ मेले की पवित्रता और धार्मिक परंपराओं के बीच इस बार एक अप्रिय घटना ने सभी का ध्यान खींचा।

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में, जो एक महत्वपूर्ण **तीर्थ** स्थल है, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।

यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब शंकराचार्य अपनी पालकी में रथ से संगम की ओर जा रहे थे।

भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस ने उनसे रथ से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर सहमत नहीं हुए और पालकी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

इस मामले ने जल्द ही बहस का रूप ले लिया और फिर धक्का-मुक्की में बदल गया।

पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को समझाने और शांत करने के कई प्रयास किए, यहां तक कि हाथ जोड़कर भी निवेदन किया, परंतु विवाद शांत नहीं हुआ।

परिणामस्वरूप, पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और शंकराचार्य के कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया।

इस दौरान शंकराचार्य की पालकी को संगम तट से लगभग एक किलोमीटर दूर तक घसीट कर ले जाया गया, जिससे पालकी का क्षत्रप भी टूट गया।

दुर्भाग्यवश, इस पूरी घटना के कारण शंकराचार्य स्नान नहीं कर पाए, जो माघ मेले के दौरान होने वाली सबसे महत्वपूर्ण **पूजा** और धार्मिक अनुष्ठानों में से एक है।

इस घटना ने **धर्म** और व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शंकराचार्य भारतीय **धर्म** परंपरा के एक उच्च **देवता** तुल्य पद पर आसीन हैं, और उनके सम्मान से जुड़े इस विवाद ने धार्मिक समुदाय में गहरी चिंता व्यक्त की है।

यद्यपि माघ मेला कोई स्थायी **मंदिर** नहीं है, यह लाखों भक्तों के लिए एक विशाल आध्यात्मिक संगम और आस्था का केंद्र है।

इस घटना ने भविष्य में ऐसी पवित्र तीर्थयात्राओं के दौरान सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं के प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को उजागर किया है।

  • माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस में झड़प हुई।
  • पुलिस ने पालकी को बलपूर्वक हटाया, शंकराचार्य स्नान नहीं कर पाए।
  • इस धार्मिक घटना ने मेले की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाए।

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Posted on 18 January 2026 | Keep reading साधनान्यूज़.com for news updates.

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