भारत ने BRICS नौसैनिक अभ्यास पर विदेश नीति का रुख उजागर किया India Clarifies Brics Naval Absence
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भारत ने BRICS नौसैनिक अभ्यास पर विदेश नीति का रुख उजागर किया India Clarifies Brics Naval Absence
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने हाल ही में ब्रिक्स देशों के बीच हुए नौसैनिक अभ्यास में अपनी गैर-भागीदारी पर आधिकारिक बयान जारी कर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
यह बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा शनिवार को जारी किया गया, जिसमें इस तथाकथित ‘ब्रिक्स नौसेना अभ्यास’ को पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की एक पहल बताया गया, जिसमें ब्रिक्स के कुछ सदस्य देशों ने हिस्सा लिया था।
रणधीर जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं थी, और न ही सभी सदस्य देशों ने इसमें भाग लिया था।
भारत ने पहले कभी इस तरह की गतिविधियों में शिरकत नहीं की है, जो हमारी विदेश नीति की एक निरंतरता को दर्शाता है।
मंत्रालय के आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत अपनी वैश्विक रणनीतियों के तहत, जिस नियमित समुद्री अभ्यास में भाग लेता है, वह ‘आईबीएसएएमआर’ (IBSAMAR) है।
यह त्रिपक्षीय अभ्यास भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं को एक साथ लाता है, जिसका पिछला संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।
यह कदम विश्व मंच पर भारत के सक्रिय और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।
यह स्पष्टीकरण उन अटकलों को शांत करता है जो भारत की अनुपस्थिति को लेकर चल रही थीं, और यह दर्शाता है कि भारत अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप ही निर्णय लेता है।
- भारत ने BRICS नौसैनिक अभ्यास पर अपनी गैर-भागीदारी को स्पष्ट किया।
- विदेश मंत्रालय ने बताया, अभ्यास दक्षिण अफ्रीका की पहल थी, ब्रिक्स की नियमित गतिविधि नहीं।
- भारत IBSA समुद्री अभ्यास (IBSAMAR) में नियमित रूप से भाग लेता है।
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Posted on 18 January 2026 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.
