वाहन तकनीक महंगी: आज से 10 कंपनियों की गाड़ियां, एथर ई-स्कूटर पर असर! New Year Vehicle Price Hike
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वाहन तकनीक महंगी: आज से 10 कंपनियों की गाड़ियां, एथर ई-स्कूटर पर असर! New Year Vehicle Price Hike
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, नए साल की शुरुआत के साथ ही ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है, जहाँ 10 प्रमुख कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमतों में 6% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
इस वृद्धि से हुंडई, मर्सीडीज बेंज, JSW-MG, निसान, रेनो, BYD, होंडा, BMW जैसी पारंपरिक वाहन निर्माता कंपनियाँ प्रभावित होंगी, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में एथर के ई-स्कूटर भी ₹3000 तक महंगे हो गए हैं।
कंपनियों ने इस कदम का मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत और परिवहन खर्चों (लॉजिस्टिक्स) में इजाफे को बताया है, जो आधुनिक वाहन तकनीक के निर्माण में एक बड़ी चुनौती बन रहा है।
इस कीमत वृद्धि के बावजूद, कंपनियों का कहना है कि यह सितंबर से पहले की कीमतों की तुलना में अभी भी कम है, क्योंकि हाल ही में मिली GST-2.0 कटौती का लाभ अभी भी बरकरार है।
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने अपनी सभी 13 कारों की कीमतों में 0.6% तक की बढ़ोतरी की है, हालाँकि प्रत्येक मॉडल पर सटीक प्रतिशत की घोषणा अभी बाकी है।
एथर एनर्जी ने अपने लोकप्रिय ई-स्कूटर, एथर 450X के वेरिएंट्स की कीमतों में वृद्धि की है, जो ₹1,000 से ₹3,000 तक बढ़ सकती है।
यह बढ़ोतरी विशेष रूप से बैटरी और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च-तकनीकी गैजेट घटकों की लागत में वृद्धि को दर्शाती है।
इन वाहनों में उपयोग होने वाली उन्नत तकनीक, जिसमें स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, इंटरनेट आधारित सुविधाएँ और कुछ हद तक एआई-समर्थित प्रणालियाँ शामिल हैं, भी लागत वृद्धि में योगदान करती हैं।
ऑटोमोबाइल कंपनियाँ परंपरागत रूप से हर साल 1 जनवरी और वित्तीय वर्ष की शुरुआत (1 अप्रैल) से कीमतों में संशोधन करती रही हैं।
यह वर्तमान वृद्धि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में निरंतर दबाव और बढ़ती इनपुट लागत का सीधा परिणाम है, जिससे वाहन निर्माण की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
उपभोक्ताओं के लिए, इसका मतलब है कि नई गाड़ी खरीदने के लिए उन्हें थोड़ा अधिक खर्च करना होगा, जबकि उद्योग को उच्च निर्माण लागतों के बीच नवाचार और दक्षता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
- 10 कंपनियों की गाड़ियों की कीमतें 6% तक बढ़ीं, एथर ई-स्कूटर भी महंगे।
- कच्चे माल और परिवहन लागत में वृद्धि को कंपनियों ने मुख्य कारण बताया।
- बढ़ती वाहन तकनीक और गैजेट घटकों की लागत ने कीमतों पर असर डाला।
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Posted on 02 January 2026 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.
