नवरात्रि का दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा विधि और कथा | धर्म आध्यात्मिक Navratri Day Two Brahmcharini Worship
Devotional story:
नवरात्रि का दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा विधि और कथा | धर्म आध्यात्मिक Navratri Day Two Brahmcharini Worship
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आज 23 सितंबर को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है, जिसमें देवी दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व है।
ब्रह्मचारिणी, देवी पार्वती का ही एक रूप हैं, जिन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
हिमालय की पुत्री पार्वती ने नारद मुनि के मार्गदर्शन पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या आरंभ की।
यह तप इतना कठोर था कि उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया।
मान्यता है कि उन्होंने सहस्रों वर्षों तक केवल फूल, बिल्वपत्र और बाद में केवल जल ग्रहण करके तप किया।
तपस्या की कठोरता के कारण उन्हें अपर्णा नाम भी मिला।
इस कठिन तपस्या के दौरान उन्होंने वर्षा, धूप, शीत, सभी मौसमों का सामना बिना विचलित हुए किया।
इस दिन देवी को खीर और मखाने का भोग लगाने और उनकी कथा का पाठ करने का विशेष महत्व है।
पूजा के दौरान शुद्धता और एकाग्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इस पवित्र अवसर पर अपने मन को शांत रखते हुए देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को धन्य बनाएँ।
नवरात्रि के पावन पर्व में भक्ति और आध्यात्मिकता का यह अनुष्ठान धर्म और आस्था को और भी मजबूत करता है।
- ब्रह्मचारिणी देवी की कठोर तपस्या की कथा
- खीर-मखाने का भोग और कथा पाठ का महत्व
- पूजा विधि में शुद्धता और एकाग्रता का ध्यान
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Posted on 24 September 2025 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.
