सोशल मीडिया: बच्चों की मानसिक सेहत पर क्या असर? नए नियम और वैश्विक प्रतिबंध Social Media Impacts Youth Development
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सोशल मीडिया: बच्चों की मानसिक सेहत पर क्या असर? नए नियम और वैश्विक प्रतिबंध Social Media Impacts Youth Development
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल युग में सोशल मीडिया का बच्चों और किशोरों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स ने संवाद और रचनात्मकता को बढ़ावा दिया है, लेकिन साथ ही बच्चों की मानसिक सेहत पर चिंताजनक असर भी डाल रहे हैं।
कई अध्ययनों में पाया गया है कि सोशल मीडिया की अधिकता से तनाव, अवसाद और आत्मग्लानि जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं, खासकर कम उम्र के बच्चों में।
‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ (FOMO) की भावना भी बच्चों में तेजी से बढ़ रही है, जिससे वे अपने साथियों से तुलना करते हैं और आत्मविश्वास में कमी आती है।
इस समस्या से निपटने के लिए कई देशों ने कड़े कदम उठाए हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जबकि अन्य देशों ने आयु सीमा निर्धारित की है या माता-पिता की सहमति अनिवार्य की है।
इन तकनीकी प्लेटफॉर्म्स पर एआई द्वारा संचालित निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने की भी मांग उठ रही है, ताकि बच्चों को अनुपयुक्त सामग्री से बचाया जा सके।
स्मार्टफोन और इंटरनेट तक आसान पहुँच के बावजूद, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
तकनीक के इस युग में, बच्चों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।
इसके लिए, सरकारों, माता-पिता और तकनीकी कंपनियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
यह चुनौती केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
- सोशल मीडिया का बच्चों की मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव
- कई देशों ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए नियम बनाए
- एआई और अन्य तकनीक का उपयोग बच्चों की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है
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Posted on 21 September 2025 | Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.
