लंदन में प्रवासी विरोधी रैली: 26 पुलिसकर्मी घायल, क्या है अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव? London March Turns Violent Robbins
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लंदन में प्रवासी विरोधी रैली: 26 पुलिसकर्मी घायल, क्या है अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव? London March Turns Violent Robbins
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार 13 सितंबर को लंदन में आयोजित ‘यूनाइट द किंगडम’ मार्च, दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में, हिंसक रूप धारण कर लिया।
इस विशाल प्रदर्शन में अनुमानित 1.1 से 1.5 लाख लोगों ने भाग लिया, जिसे ब्रिटेन के इतिहास के सबसे बड़े दक्षिणपंथी प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
रैली का मुख्य उद्देश्य आव्रजन का विरोध करना था, परन्तु यह जल्द ही हिंसक झड़पों में बदल गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भारी संघर्ष हुआ।
पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
इस हिंसक प्रदर्शन के परिणामस्वरूप 26 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कई पुलिसकर्मियों को लात, घूंसों और बोतलों से चोटें आई हैं, जबकि कुछ के दांत टूट गए और कुछ को सिर और नाक पर गंभीर चोटें आई हैं।
इस घटना ने ग्लोबल स्तर पर चिंता पैदा की है और विश्व भर के देशों में प्रवासी नीतियों पर बहस को और तेज कर सकता है।
यह घटना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रवासी मुद्दों और दक्षिणपंथी उग्रवाद के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और ब्रिटिश सरकार से शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है।
इस घटना का विदेश नीति पर भी प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ब्रिटेन के उन देशों के साथ संबंधों पर जिनसे बड़ी संख्या में प्रवासी आते हैं।
यह घटना विश्व के लिए एक चेतावनी है कि अगर प्रवासी विरोधी भावनाओं को नियंत्रित नहीं किया गया, तो ऐसी हिंसक घटनाएं भविष्य में भी हो सकती हैं।
- लंदन में विशाल प्रवासी विरोधी रैली हुई हिंसक
- 26 पुलिसकर्मी घायल, 4 की हालत गंभीर
- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बहस उत्पन्न
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Posted on 15 September 2025 | Keep reading साधनान्यूज़.com for news updates.
