युवा आक्रोश: क्या नेपाल का संघर्ष राजनीतिक भविष्य का संकेत है? Youth Anger Rises South Asia
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युवा आक्रोश: क्या नेपाल का संघर्ष राजनीतिक भविष्य का संकेत है? Youth Anger Rises South Asia
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन के लेख ने दक्षिण एशिया में बढ़ते युवा आक्रोश पर गंभीर चिंता जताई है।
हाल ही में नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में देखे गए युवा विरोध प्रदर्शनों के पीछे एक समान धागा है: बढ़ती बेरोजगारी, कुशासन और हाशिए पर धकेलने वाली राजनीति।
इन देशों में विशाल युवा आबादी, जो डिजिटल रूप से जुड़ी हुई है, राजनीतिक अस्थिरता का एक प्रमुख कारक बन रही है।
हसनैन ने तर्क दिया है कि बेरोज़गार और निराश युवाओं को नज़रअंदाज़ करना भविष्य के लिए खतरा है।
इस जनसांख्यिकीय लाभ को विकास के इंजन के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय, अगर इसे अनदेखा किया गया तो यह विस्फोटक स्थिति पैदा कर सकता है।
यह राजनीतिक दलों, विशेषकर कांग्रेस और बीजेपी जैसे बड़े दलों के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि चुनावों में युवा मतदाताओं का बड़ा योगदान है।
नेपाल के उदाहरण से पता चलता है कि कैसे टूटे-फूटे लोकतांत्रिक प्रयोग युवाओं में निराशा पैदा कर सकते हैं और उन्हें आंदोलन की ओर धकेल सकते हैं।
अतः, सभी राजनीतिक नेताओं को युवाओं की आकांक्षाओं को समझना और उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा, अन्यथा राजनीतिक अस्थिरता एक बड़ा खतरा बन सकती है।
यह लेख नेपाल की स्थिति और दक्षिण एशियाई देशों के भविष्य के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डालता है।
- दक्षिण एशिया में बढ़ता युवा आक्रोश, राजनीतिक अस्थिरता का कारण
- बेरोजगारी और कुशासन से युवाओं में निराशा
- राजनीतिक दलों के लिए युवाओं की आकांक्षाओं को समझना जरुरी
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Posted on 14 September 2025 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.
