राजनीति में आध्यात्मिक मार्गदर्शन: क्या धर्मग्रंथ नेताओं को प्रेरित करते हैं? Religion Politics Deeply Intertwined India
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राजनीति में आध्यात्मिक मार्गदर्शन: क्या धर्मग्रंथ नेताओं को प्रेरित करते हैं? Religion Politics Deeply Intertwined India
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पंडित विजयशंकर मेहता के कॉलम में राजनीति और धर्म के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला गया है।
मेहता जी ने तर्क दिया है कि धर्मग्रंथ, जैसे गीता, रामचरितमानस, और कुरान, नेताओं के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं।
उनका मानना है कि आज की राजनीति में लिए जा रहे कई निर्णय, अतीत के राजनेताओं द्वारा लिखी गई पुस्तकों में वर्णित विचारों से प्रेरित हैं।
इस तथ्य को समझना महत्वपूर्ण है कि बीजेपी और कांग्रेस जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने जीवन में इन ग्रंथों से प्रेरणा ली है और उनके विचारों ने चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित किया है।
मेहता जी ने पाठकों से आग्रह किया है कि वे प्रतिदिन कुछ पन्ने धार्मिक ग्रंथों के पढ़ें ताकि वे इन ग्रंथों में निहित ज्ञान को अपने जीवन और राजनीतिक निर्णयों से जोड़ सकें।
यह आध्यात्मिक मार्गदर्शन, उनके अनुसार, नेताओं को ऊंचाइयों पर पहुँचने और वहां टिके रहने में मदद कर सकता है।
यह समझना ज़रूरी है कि धर्म और राजनीति के बीच का यह संबंध भारतीय राजनीतिक परिदृश्य को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अंत में, मेहता जी के इस लेख ने राजनीति में आध्यात्मिकता की भूमिका पर एक गंभीर चिंतन करने का आह्वान किया है।
- धर्मग्रंथ राजनीतिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
- बीजेपी और कांग्रेस जैसे दलों पर धर्म का प्रभाव।
- नेताओं को धर्मग्रंथों से प्रेरणा लेने का आह्वान।
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Posted on 13 September 2025 | Follow साधनान्यूज़.com for the latest updates.
