क्या बदल रही है आपदाओं की तीव्रता? राजनीति पर मंडराता खतरा? राजनीति India Flood Crisis Yamuna River Delhi
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क्या बदल रही है आपदाओं की तीव्रता? राजनीति पर मंडराता खतरा? राजनीति India Flood Crisis Yamuna River Delhi
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने देश भर में चिंता पैदा कर दी है।
दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207.48 मीटर तक पहुँच गया, जिससे निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हुआ।
पंजाब में 1900 से ज़्यादा गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए, 400,000 एकड़ फसल बर्बाद हुई और 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए, जो 1988 के बाद की सबसे बड़ी बाढ़ है।
केरल में पिछले साल हुए भीषण भूस्खलन ने वायनाड जिले को तबाह कर दिया, जिसमें लगभग 400 लोगों की जान गई।
धराली और वैष्णोदेवी में हुई घटनाएँ भी इसी कड़ी की गंभीरता को दर्शाती हैं।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन की जलवायु जल विज्ञानी डॉ. लिसा कॉर्टेज का कहना है कि पहले ‘सदी में एक बार’ होने वाली बारिश अब कुछ इलाकों में हर कुछ वर्षों में हो रही है।
यह बढ़ती आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता चुनावों और राजनीति पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि यह जनता के जीवन, आजीविका और सुरक्षा को सीधे प्रभावित करती है।
सरकारों को आपदा प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना होगा और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
नेताओं को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा और बीजेपी और कांग्रेस जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को इस पर एक व्यापक नीति बनानी होगी ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
यह एक राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है जो राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है, और जिस पर सभी को ध्यान देने की आवश्यकता है।
आपदाओं से निपटने में विफलता, आने वाले चुनावों में नेताओं के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।
- यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर
- पंजाब में भयंकर बाढ़, लाखों प्रभावित
- केरल में भूस्खलन से भारी नुकसान, राजनीतिक प्रभाव
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Posted on 11 September 2025 | Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.
