उपराष्ट्रपति चुनाव: क्रॉस वोटिंग का राजनीतिक विवाद, क्या है सच्चाई? Tmc Cross Voting Election Shocker
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उपराष्ट्रपति चुनाव: क्रॉस वोटिंग का राजनीतिक विवाद, क्या है सच्चाई? Tmc Cross Voting Election Shocker
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मामला राष्ट्रीय राजनीति में तूफान ला गया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोप के बाद भाजपा और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।
TMC का आरोप है कि भाजपा ने विपक्षी सांसदों को 15-20 करोड़ रुपये देकर खरीदा।
इस आरोप का भाजपा ने खंडन करते हुए कहा कि क्रॉस वोटिंग I.N.D.I.A. गठबंधन में आंतरिक मतभेदों और फूट को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने I.N.D.I.A. के कुछ सांसदों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने ‘अंतरात्मा की आवाज’ सुनकर NDA कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन को वोट दिया।
मंगलवार को हुए मतदान में 788 में से 767 सांसदों ने वोट डाला, जिसमें राधाकृष्णन को 452 और सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
15 वोट अमान्य रहे।
NDA उम्मीदवार राधाकृष्णन ने I.N.D.I.A. के उम्मीदवार को 152 वोटों से हराया।
चुनाव परिणामों के बाद से कम से कम 14 विपक्षी सांसदों द्वारा NDA के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की अटकलें हैं।
यह घटना भारत की राजनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है और देश की सरकार पर भी दबाव बढ़ाती है।
प्रधानमंत्री और सरकार पर अब इस विवाद को सुलझाने और राजनीतिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है कि क्या धनबल का उपयोग चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
यह घटना भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती है।
- TMC ने भाजपा पर विपक्षी सांसदों को खरीदने का आरोप लगाया।
- भाजपा ने I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट होने का दावा किया।
- उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के उम्मीदवार की जीत।
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Posted on 11 September 2025 | Stay updated with साधनान्यूज़.com for more news.
